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जलà¥à¤¦à¥€ गरà¥à¤ धारण करने के 12 तरीके -
1. अपने मासिक चकà¥à¤° का रिकारà¥à¤¡ बनाà¤à¤‚
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की इचà¥à¤›à¥à¤• महिला को अपने मासिक चकà¥à¤° यानी पीरियडà¥à¤¸ का रिकारà¥à¤¡ बनाना चाहिà¤à¥¤ इस बात की निगरानी करनी चाहिठकि कà¥à¤¯à¤¾ उसके मासिक धरà¥à¤® का पहला दिन नियमित है। यानी पहला दिन 28 वें दिन ही हो रहा है। इस रिकारà¥à¤¡ से महिला को à¤à¤• सटीक अंदाजा लग सकता है कि कब ओवà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ होने वाली है। यह वह समय है जब हर महीने महिला अंडोतà¥à¤¸à¤°à¥à¤— करती है। कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ à¤à¤ª à¤à¥€ हैं जो टà¥à¤°à¥ˆà¤•िंग में मदद कर सकते हैं। अंडोतà¥à¤¸à¤°à¥à¤— यानी ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन के बाद ओवà¥à¤¯à¥‚ल केवल 12 से 24 घंटों के लिठफरà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² होता है, जबकि à¤à¤• पà¥à¤°à¥à¤· का शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ à¤à¤• महिला के शरीर में पांच दिनों तक जीवित रह सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में सही समय का अंदाजा लगाकर गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ को आसान बनाया जा सकता है।
2. ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन का सटीक अंदाजा लगाà¤à¤‚
सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ मासिक धरà¥à¤® के आने से लगà¤à¤— दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ पहले महिलाà¤à¤‚ ओवà¥à¤¯à¥‚लेट करती हैं। अनियमित चकà¥à¤° वाली महिलाओं में ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन की à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤µà¤¾à¤£à¥€ करना कठिन है, लेकिन यह आमतौर पर उसके अगले माहवारी की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से 12 से 16 दिन पहले होता है।
इसका पता लगाने के लिठà¤à¤¸à¥‡ कई तरीके हैं जिनसे महिलाà¤à¤‚ हर महीने अपने सबसे उपजाऊ दिनों को निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद के लिठकर सकती हैं। इनमें अपने शरीर के तापमान से लेकर अपनी योनि से होने वाले सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ तक की विधि होती है। इसके लिठकई पà¥à¤°à¤•ार के à¤à¤ª à¤à¥€ उपलबà¥à¤§ हैं जैसे गà¥à¤²à¥‹ ओवलà¥à¤¯à¥‚शन पीरियड टà¥à¤°à¥ˆà¤•र, फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ फà¥à¤°à¥‡à¤‚ड- à¤à¤«à¤à¤« à¤à¤ª, कà¥à¤²à¥‚ हेलà¥à¤¥ à¤à¤‚ड पीरियड टà¥à¤°à¥ˆà¤•र। अपनी इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ दिनों में सेकà¥à¤¸ करने से शीघà¥à¤° पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी हासिल की जा सकती है।
3. सबसे फरà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² दिनों में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेकà¥à¤¸ करें
à¤à¤• शोध के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• किसी à¤à¥€ महिला की गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने की सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ 'फरà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² विंडो' के छह दिनों तक होती है। ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन से पांच दिन पहले और उसके दिन बाद। à¤à¤¸à¥‡ में जब à¤à¤• महिला ने उस फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ विंडो की पहचान कर ली हो तो उसे हर दिन या फिर हर दूसरे दिन सेकà¥à¤¸ करने से शीघà¥à¤° गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में आसानी होती है।
4. अपने वजन पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें
जिस महिला का वजन सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और सामानà¥à¤¯ हो उसकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है। अधिक वजन या कम वजन होने से इसमें बाधा आती है। à¤à¤• शोध के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन वाली महिला को गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने में उस महिला से दोगà¥à¤¨à¤¾ समय लग सकता है, जिसका बॉडी मास इंडेकà¥à¤¸ (बीà¤à¤®à¤†à¤ˆ) सामानà¥à¤¯ हो। शरीर में बहà¥à¤¤ अधिक वसा होने से अतिरिकà¥à¤¤ à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ पैदा होता है, जो ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन में हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª कर सकता है। वहीं कम वजन वाली महिला को गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में चार गà¥à¤¨à¤¾ अधिक समय लग सकता है। à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में ये बात निकलकर सामने आई है कि कम वजन वाली महिलाà¤à¤‚, जिनका बीà¤à¤®à¤†à¤ˆ 18 से कम है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नियमित पीरियडà¥à¤¸ नहीं हो रहे हैं या वो ठीक से ओवà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ नहीं कर पातीं है जिससे उनके गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ घट जाती है।
5. पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ विटामिन लेना शà¥à¤°à¥ करें
जो महिलाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¤—ेनेंट होना चाहती हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने से पहले ही विटामिन लेना शà¥à¤°à¥‚ कर देना चाहिे । मलà¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ लेने से à¤à¤• लाठये है कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के विकास के दौरान विटामिन बी à¤à¥à¤°à¥‚ण में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ और नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® में दोषों को रोक देता है।
6. सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ वरà¥à¤§à¤¨ खाना खाà¤à¤‚
पà¥à¤°à¤—ेनेंट होने के दौरान वैसे तो कोई सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤² डाइट नहीं होती है पर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने की इचà¥à¤›à¥à¤• महिला को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार लेने से महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚, जैसे कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और आयरन के परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ à¤à¤‚डार मिलता है। इससे महिला का शरीर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठतैयार होता है। इसके लिठकी तरह के फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, लीन पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, साबà¥à¤¤ अनाज, डेयरी और वसा के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ खाने चाहिà¤à¥¤ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट के अलावा, à¤à¤• महिला इस विटामिन को गहरे हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, बà¥à¤°à¥‹à¤•ोली, फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ बà¥à¤°à¥‡à¤¡ और अनाज, बीनà¥à¤¸, खटà¥à¤Ÿà¥‡ फल और संतरे के रस जैसे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर सकती है।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की कोशिश करते समय, उचà¥à¤š-पारा मछली, जैसे सà¥à¤µà¥‹à¤°à¥à¤¡à¤«à¤¼à¤¿à¤¶, शारà¥à¤•, किंग मैकेरल और टाइलफ़िश कम मातà¥à¤°à¤¾ में खाने चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में बाधक हो सकते हैं।
7. संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें
हमेशा शारीरिक तौर पर à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रहने वाली महिलाओं के लिठà¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी और लेबर पेन को सहने में मदद करती है। लेकिन बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लिठबाधक à¤à¥€ हो सकता है। बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने से ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन में बाधा हो सकती है। इससे पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बाधा हो सकती है।
8. उमà¥à¤° का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें
महिलाओं की उमà¥à¤° बढ़ने के साथ उनकी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कम होती जाती है। उमà¥à¤° से संबंधित परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के कारण अंडाशय में बदलाव होता है। महिलाओं के अंडों की मातà¥à¤°à¤¾ और गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ में गिरावट à¤à¥€ आ जाती है। बढ़ती उमà¥à¤° के साथ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡, à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ और फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब की रà¥à¤•ावट, जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ आती है जो पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं। à¤à¤• शोध के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• 30 साल की महिलाओं में पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ अधिक होती है जो धीरे-धीरे कम होती है। 37 साल की उमà¥à¤° के बाद इस कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में तेजी से गिरावट आती है और 40 साल की उमà¥à¤° के बाद पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में à¤à¤¾à¤°à¥€ गिरावट आती है। इसका मतलब है कि बढ़ती उमà¥à¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने में बाधक हैं।
9. धà¥à¤°à¥‚मपान और शराब छोड़ें
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और शराब महिलाओं और पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ दोनों में पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ पैदा कर सकता है। सिगरेट के धà¥à¤à¤‚ में पाठजाने वाले रसायन, जैसे निकोटीन और कारà¥à¤¬à¤¨ मोनोऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡, à¤à¤• महिला के अंडे की हानि दर को तेज करते हैं। महिलाओं के लिठपैसिव सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग (धूà¥à¤®à¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ वाली जगह पर खड़े होने) से à¤à¥€ दूर रहना चाहिà¤à¥¤ पैसिव सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती है।
10. सेकà¥à¤¸ पोजीशन की चिंता छोड़ दें
गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के लिठसेकà¥à¤¸ के पोजीशन के महतà¥à¤µ की बात सिरà¥à¤« à¤à¤• अफवाह ही है। ये à¤à¤• à¤à¥à¤°à¤¾à¤‚ति है कि अमà¥à¤• पोजीशन में सेकà¥à¤¸ करने से जलà¥à¤¦à¥€ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ होता है। ये अवशà¥à¤¯ है कि संà¤à¥‹à¤— के दौरान खड़े होने या फिर बैठने से शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ के अंडकोश तक पहà¥à¤‚चने में दिकà¥à¤•त हो सकती है।
11. संà¤à¥‹à¤— के बाद बेड पर थोड़ी देर लेटना सहायक
ये अकसर कहा जाता है कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को बढ़ाने के लिठसेकà¥à¤¸ करने के बाद अपने पैरों को हवा में उठाकर बिसà¥à¤¤à¤° पर लेटे रहना चाहिà¤à¥¤ लेकिन यह पूरा सच नहीं है। संà¤à¥‹à¤— के बाद 10 से 15 मिनट तक बिसà¥à¤¤à¤° पर लेटना अचà¥à¤›à¥€ है पर पैरों को हवा में रखने की जरूरत नहीं होती है। ये जरà¥à¤° है कि महिला को इस दौरान बाथरूम à¤à¥€ न जाà¤à¤‚। अगर महिला बेड पर लेटकर ही 10 से 15 मिनट तक पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¾ करती हैं, तो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में जाने वाला शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ वहां पहà¥à¤‚च जाता है।
12. यथारà¥à¤¥à¤µà¤¾à¤¦à¥€ उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¥‡à¤‚ रखें
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होना हमेशा à¤à¤• सरल और तà¥à¤µà¤°à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नहीं होती है। इसमें समय लगता है। हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² आईयूडी हटाने, गरà¥à¤ निरोधक तरीकों को रोकने के बाद आपके पीयिरडà¥à¤¸ को नियमित होने में कà¥à¤› महीने à¤à¥€ लग सकते हैं। अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें ताकि आपको वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• और यथारà¥à¤¥ उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¥‡à¤‚ हों। इसी हिसाब से आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की कोशिश शà¥à¤°à¥ करें और उसके परिणाम की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ रखें
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